शादी के बाद बहन सोनम की कितनी याद आती है? इस सवाल पर भाई ने दिया जवाब

डायरेक्टर विक्रम के साथ अपनी बॉन्डिंग के बारे में बात करते हुए विक्रम कहते हैं, वे थोड़ी अलग किस्म की फिल्में बनाते हैं इसलिए उनको समझना आसान था

फिल्म के लिए क्या सोचकर हामी भरी थी तो उन्होंने बताया, "मुझे इस फिल्म की कहानी बहुत पसंद आई थी। मेरी बड़ी इच्छा थी कि मैं विक्रम के साथ काम करूं। मुझ पर इस बात का ज्यादा असर नहीं हुआ कि इस फिल्म का प्रस्ताव किसी और एक्टर को भी दिया गया था। मैं खुद को लकी मानता हूं कि मुझे इस तरह की फिल्म मंे काम करने का मौका मिला।'
डायरेक्टर विक्रम के साथ अपनी बॉन्डिंग के बारे में बात करते हुए विक्रम कहते हैं, वे थोड़ी अलग किस्म की फिल्में बनाते हैं इसलिए उनको समझना आसान था। मैं विक्रम की फिल्मों का फैन हूं और मैंने उनकी सारी फिल्में देखी हैं। हम दोनों एक-दूसरे को 7-8 साल से जानते हैं फिर भी जब मैंने इस फिल्म पर काम शुरू किया तब मुझे थोड़ा खुलकर बर्ताव करने में तकलीफ हो रही थी। बाद में उन्होंने मेरी बहुत मदद की।
उनके साथ काम करने का एक अच्छा अनुभव था।' पहली फिल्म ‘मिर्जया’ और ‘भावेश जोशी' के बीच के अंतर की बात करते हुए हर्षवर्धन कहते हैं, ‘मैं इन दोनों ही फिल्मों को लेकर चिंतित नहीं था क्योकि मैंने ऐसी ही फिल्में साइन की हैं जिनपर मुझे विश्वास है। उनके अपने दर्शक भी हैं। मैंने ‘भावेश...' की शूटिंग ‘मिर्जया' के तुरंत बाद शुरू कर दी थी और इन दिनों मैं अगली फिल्म की तैयारी कर रहा हूं जो शूटर अभिनव बिंद्रा की बायोपिक है। मैं लकी हूं कि मुझे कभी ऐसा नहीं लगा की मेरे पास काम नहीं है।'
शादी के बाद बहन सोनम की कितनी याद आती है ?
फिलहाल तो सोनम मुंबई में ही अपने काम में बिजी हैं। मैं मिस नहीं कर रहा हूं लेकिन जब वे अपने काम में बिजी हो जाएंगी तब जरूर मिस करूंगा। हम दोनों अभी प्रमोशन में बिजी हैं इसलिए बात करने का उतना वक्त भी नहीं मिल रहा है। किसी फैमिली में पांच लोग साथ रहते हों और अचानक से सिर्फ एक गायब हो जाए और सिर्फ चार लोग ही बचें तो जाहिर सी बात है कि आप उस मेंबर को मिस करेंगे जो अब फैमिली में नहीं है।
वहीं जब उनसे पूछा गया कि एक फिल्मी परिवार से होने पर जब बाकी फैमिली मेंबर्स से उनकी तुलना होती है तो उन्हें कितनी तकलीफ होती है। तो हर्ष ने बताया..., ‘मैं अपने हिसाब से अपना काम करने की कोशिश कर रहा हूं इसलिए मुझे तुलनात्मक रूप से देखे जाने का डर नहीं लगता। मेरा अपना एक रास्ता है जिस पर मैं चल रहा हूं। मुझ पर इन सब बातों का कोई असर नहीं होता हैं| पापा (अनिल कपूर), चाचा (बोनी कपूर और संजय कपूर) और बहन (रिया कपूर) सब प्रोड्यूसर हैं पर मैं फिल्मों के बिजनेस के बारे में नहीं सोचता। हालांकि, बॉक्स ऑफिस नंबर के बारे में जरूर सोचता हूं क्योंकि वह महत्वपूर्ण है। इसके अलावा क्रिएटिविटी भी मुझे काफी महत्वपूर्ण 

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